ग्राम पंचायत 34LNP

भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केंद्र 34एल एन पी .

GRAM PANCHAYAT 34LNP OFFICE

डीजी घर DIGITAL .

ग्राम पंचायत 34LNP

ग्राम पंचायत ३४ एल एन पी में मनोरजन कार्यक्रम का आयोजन .

ग्राम पंचायत ३४ एल एन पी

भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केंद्र .

ग्राम पंचायत ३४एल एन पी

ग्राम पंचायत ३४ एल एन पी ई मित्रा प्लस मशीन .

ग्राम पंचायत ३४एल एन पी

ग्राम पंचायत ३४ एल एन पी ई मित्रा प्लस मशीन .

ग्राम पंचायत ३४एल एन पी

गोगा मेडी ३४एल एन पी .

ग्राम पंचायत ३४एल एन पी

बालाजी मंदिर ग़ाव ३४ एल एन पी .

ग्राम पंचायत ३४एल एन पी

ग़ाव ३४ एल एन पी .

Thursday, June 13, 2019

अन्नपूर्णा रसोई योजना


योजना के बारे में

राजस्थान सरकार ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में श्रमिकों, रिक्शावालों, ठेलेवालों, ऑटोवालों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, कामकाजी महिलाओं, बुजुर्गों एवं अन्य असहायों, जरूरतमंद व्यक्तियों को ध्यान में रखकर उनकी सेहत के लिए अन्नपूर्णा रसोई योजना की शुरूआत की है।
इस योजना का शुभारम्भ 15 दिसंबर 2016 को किया गया। इस योजना में अन्नपूर्णा रसोई वैन के माध्यम से मात्र रु 5 में नाश्ता तथा मात्र रु 8 में पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है।
योजना के दूसरे चरण में 191 शहरों में 500 अन्नपूर्णा रसोई वैनों के माध्यम से नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

अन्नपूर्णा रसोई योजना की विशेषताएं

इस रसोई वैन में लाभार्थियों के लिए नाश्ता, दोपहर का भोजन एवं रात्रि का भोजन उपलब्ध होगा। योजना में नाश्ता मात्र 5 रुपये में मिलेगा। नाश्ता के रूप में पोहा, सेवइयाँ, इडली साँभर, लापसी, ज्वार खिचड़ा, बाजरा खिचड़ा, गेहूं खिचड़ा आदि मिलेंगे।
इस योजना में भोजन की थाली मात्र 8 रुपये में उपलब्ध है, जिसमें प्रत्येक भोजन सामग्री की मात्रा 450 ग्राम है। भोजन के रूप में दोपहर में दाल-चावल, गेहूं का चूरमा, मक्का का नमकीन खीचड़ा, रोटी का उपमा, दाल- ढ़ोकली, चावल का नमकीन खीचड़ा, कढ़ी-ढ़ोकली, ज्वार का नमकीन खीचड़ा, गेहूं का मीठा खीचड़ा इत्यादि शामिल हैं।
योजना में रात्रि भोजन में भी प्रति थाली मात्र 8 रुपये में उपलब्ध है, जिसमें सामग्री की मात्रा 450 ग्राम है। यह सामग्री इस प्रकार है: दाल-ढ़ोकली, बिरयानी, ज्वार की मीठी खिचड़ी, चावल का नमकीन खीचड़ा, कढ़ी-चावल, मक्के का नमकीन खीचड़ा, बेसन गट्टा पुलाव, बाजरे का मीठा खीचड़ा, दाल-चावल, गेहूं का चूरमा इत्यादि।

अन्नपूर्णा भंडारों


योजना के बारे में

राजस्थान सरकार ने गांव-गांव तक लोगों को ब्रांडेड उत्पाद उपलब्ध करवाने के लिए 31, अक्टूबर 2015 को जयपुर ज़िले में भम्भौरी गांव से अन्नपूर्णा भंडार योजना की शुरूआत की। योजना में उचित मूल्य की दुकानों को अन्नपूर्णा भंडार के रूप में विकसित किया गया है।

गावों में अब उपलब्ध हैं ब्रांडेड उत्पाद

शहरों में मिलने वाले ब्रांडेड उत्पाद अन्नपूर्णा भंडार के माध्यम से अब गावों में भी उपलब्ध हैं। 45 तरह के लगभग 350 से अधिक गुणवत्तायुक्त मल्टीब्रांड उत्पाद इन अन्नपूर्णा भंडारों पर उचित कीमत पर मिलते हैं।

रूरल मॉल का सपना हुआ साकार

गांवों में भी ब्रांडेड उत्पाद उपलब्ध होने से उपभोक्ताओं को ज़रूरत का हर घरेलू सामान घर के नज़दीक ही उपलब्ध है। इन अन्नपूर्णा भंडारों से रूरल मॉल का सपना साकार हुआ है।

डीलर के लिए अतिरिक्त आय का जरिया

पहले राशन डीलर केवल चीनी, गेहूँ व कैरोसीन ही बेच रहे थे जिससे उनकी आय कम होती थी। इन्हें आजीविका के लिए अन्य स्त्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब डीलर ज़्यादा चीजें बेचते हैं, ज़्यादा दिन तक दुकान खोलते हैं। इससे उन्हें गांव में ही रोज़गार का साधन उपलब्ध हो गया, उनकी आय भी बढ़ गई और सामाजिक रुतबा भी बढ़ गया।

राशन वितरण योजना


योजना के बारे में

प्रदेश में हर परिवार को उसके हक़ का राशन मिले और पूरा मिले इसके लिए सरकार ने बायोमैट्रिक पहचान से राशन वितरण शुरू किया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के पात्र व्यक्ति मशीन पर अंगूठा या अंगुली लगाकर राशन प्राप्त कर रहे हैं।

पात्र व्यक्ति को ही मिलता है राशन

सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के पात्र व्यक्तियों की सूची तैयार की है। अपात्र व्यक्ति सूची से हट गये हैं। पात्र व्यक्तियों को बायोमैट्रिक पहचान के लिए अपना अंगूठा या अंगुली मशीन में लगाना होता है इसलिए एक व्यक्ति का राशन दूसरा नहीं ले सकता है।

पॉस मशीन से राशन लेने की प्रक्रिया

आप अपने हाथ का अंगूठा या कोई भी अंगुली पॉस मशीन पर लगा कर, अपनी पहचान दर्ज़ करके ले सकते हैं।
अंगूठा मशीन पर कुछ देर तक लगाए रखना होता है (जब तक मशीन में लाइट न जल उठे)
किसी कारण से अगर मशीन में किसी व्यक्ति की पहचान न हो सके तो परिवार का कोई और व्यक्ति (जिसका नाम भामाशाह में जुड़ा हो) भी अपनी पहचान दर्ज़ करवाकर परिवार का राशन ले सकता है।
अगर तीन बार में किसी व्यक्ति की पहचान दर्ज़ न हो तो भामाशाह में रजिस्टर्ड आपके मोबाइल पर मैसेज से अपने आप एक ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) आ जाता है। इस ओटीपी को मशीन में दर्ज़ करके भी राशन लिया जा सकता है। अगर आपके परिवार का कोई मोबाइल भामाशाह में दर्ज़ नहीं है तो आप ई-मित्र केन्द्र पर जाकर इसे दर्ज़ करवा सकते हैं ताकि आपको यह सुविधा मिल सके।

मोबाइल पर मैसेज

इस व्यवस्था का फायदा यह भी है कि राशन की दुकान पर राशन आते ही मैसेज मिल जाता है कि आपका राशन आ गया है। इसके अलावा राशन लेने पर भी मैसेज मिल जाता है कि आपने इतना राशन ले लिया है और इतना राशन शेष है।

हिसाब की पूरी जानकारी

राशन लेने के बाद उपभोक्ता को हिसाब की पर्ची भी मिल जाती है जिससे लेन-देन व उपलब्ध शेष राशन की पूरी जानकारी उपभोक्ता को रहती है।

राजश्री योजना


योजना के बारे में

बेटियां घर की लक्ष्मी हैं लेकिन कई कारणों से बालिकाओं की जन्म दर कम रही है। बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने, उन्हें शिक्षित व सशक्त बनाने के लिए सरकार ने 1 जून 2016 से मुख्यमंत्री राजश्री योजना राज्य में शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य है कि बेटियों की जन्म दर बढ़े, बेटियों को अच्छी परवरिश मिले व बेटियां पढ़ लिखकर आगे बढ़ें।

विभिन्न चरणों में बालिका के अभिवावकों को आर्थिक सहायता

बालिका के जन्म से लेकर कक्षा 12वीं तक बेटी की पढ़ाई, स्वास्थ्य व देखभाल के लिए अभिभावक को 50,000 तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। ये राशि निम्न चरणों में दी जाती है।
  • बेटी के जन्म के समय 2500 रुपये
  • एक वर्ष का टीकाकरण होने पर 2500 रुपये
  • पहली कक्षा में प्रवेश लेने पर 4000 रुपये
  • कक्षा 6 में प्रवेश लेने पर 5000 रुपये
  • कक्षा 10 में प्रवेश लेने पर 11000 रुपये
  • कक्षा 12 उत्तीर्ण करने पर 25000 रुपये

योजना के लाभ की पात्रता

राजश्री योजना की पहली दो किश्त उन सभी बालिकाओं को मिलेगी जिनका जन्म किसी सरकारी अस्पताल एवं जननी सुरक्षा योजना (जे.एस.वाई.) से रजिस्टर्ड निजी चिकित्सा संस्थानों में हुआ हो। ये दोनों किश्त उनके अभिभावकों को तब भी मिलेगी जिनके तीसरी संतान बालिका हो, किंतु योजना में आगे की किश्तों का लाभ उन्हें नहीं मिल पायेगा।
अब राजश्री योजना का लाभ लाभार्थी को सीधा अपने बैंक खाते में मिले, इसके लिए भामाशाह कार्ड से योजना को जोड़ा गया है।
अब राजश्री योजना का लाभ सुविधापूर्वक अपने खाते में प्राप्त करने के लिए भामाशाह कार्ड ज़रूर बनवायें। योजना के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए अपने ज़िले में कार्यक्रम अधिकारी, महिला अधिकारिता या मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से सम्पर्क करें।

भामाशाह कार्ड की अनिवार्यता

  • योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी का भामाशाह कार्ड अनिवार्य है।
  • 15 मई, 2017 के बाद लाभार्थी का भामाशाह कार्ड होने पर भुगतान सीधे उसके बैंक खाते किया जायेगा।
  • लाभ प्राप्त करने के लिए गर्भवती महिला प्रसव पूर्व जांच/एएनसी जांच के दौरान भामाशाह कार्ड एवं भामाशाह कार्ड से जुड़ा हुआ बैंक खाते का विवरण निकटतम आंगनबाड़ी केन्द्र पर ए.एन.एम./आशा/आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अथवा राजकीय चिकित्सा संस्थान में उपलब्ध करवायें।
  • जिन लाभार्थी महिलाओं का भामाशाह नामांकन नहीं हुआ है, ऐसी महिलाएं अपने निकटतम ई-मित्र केन्द्र से भामाशाह कार्ड बनवाकर निकटतम आंगनबाड़ी केन्द्र अथवा राजकीय चिकित्सा संस्थान में विवरण उपलब्ध करवाये।

भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना

भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना

योजना के बारे में

भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना का आरम्भ 13 दिसंबर 2015 से किया गया। योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ चुनिंदा निजी (प्राइवेट) अस्पतालों में भी ये सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। राज्य के लोगों के स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च को कम करना इस योजना का उद्देश्य है।

योजना के लिए पात्रता

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में शामिल परिवार इस योजना में पात्र हैं।

योजना का फायदा

भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में प्रत्येक पात्र परिवार को प्रतिवर्ष सामान्य बीमारियों के लिए 30 हज़ार तथा गम्भीर बीमारियों के लिए 3 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध करवाया जा रहा है। अस्पताल में भर्ती के दौरान हुए खर्च के अलावा भर्ती से 7 दिन पहले से 15 दिन बाद तक का खर्च शामिल किया जाता है।
इस योजना में 1401 बीमारियों को शामिल किया गया है। इनके अतिरिक्त नेफ्रोलॉजी, गेस्ट्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी तथा साइकियाट्री सहित 300 से अधिक स्पेशियलिटी उपचार के नए पैकेज भी जोड़े जाएंगे।
इससे पहले चल रही योजनाओं में केवल दवाइयां और जांच ही कैशलेस मिलती थीं, लेकिन अब भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में जांच, इलाज, डॉक्टर की फीस, ऑपरेशन आदि सब शामिल किये गए हैं। इसके अलावा सरकार द्वारा ओ.पी.डी. व कैशलेस दवाओं के वितरण की व्यवस्था भी पहले से ज़्यादा बड़े स्तर पर की गई है।
राजस्थान की यह स्वास्थ्य बीमा योजना देश के अन्य राज्यों की इस तरह की योजनाओं से कहीं बेहतर है। इसमें बीमारियों और जांचों की संख्या भी और राज्यों से ज़्यादा है और निश्चित राशि भी। आज यह योजना पूरे प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए जीवनदायी साबित हो रही है।

योजना का लाभ लेना है आसान

अस्पताल में भर्ती के समय वहां उपस्थित ‘स्वास्थ्य मार्गदर्शक’ मरीज़ और परिजनों की मदद करते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी को अपना भामाशाह कार्ड अस्पताल प्रशासन को देना होता है। उसके बाद की सारी प्रक्रिया की जि़म्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होती है।

योजना का क्रियान्वयन

योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए कॉल सेंटर बनाया जा रहा है। इसके अलावा मोबाइल ऐप द्वारा मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। न्यू इंडिया इन्शोरेंस कम्पनी से इसका अनुबन्ध किया गया है।

राजस्थान सम्पर्क पोर्टल


राजस्थान सम्पर्क पोर्टल

राजस्थान सम्पर्क पोर्टल सरकार व प्रदेश के आमजनों के बीच एक ऐसा सरल व सुगम माध्यम है जिसके द्वारा आमजन सरकार से संबंधित अपनी किसी भी परेशानी या समस्या के बारे में बेझिझक सरकार को बता सकते हैं। इससे न सिर्फ आमजन को उनकी परेशानियों का समाधान मिलता है साथ ही इससे सरकार की आमजन के प्रति संवेदनशीलता का भी परिचय मिलता है।

शिकायत दर्ज करवाने के तरीके

राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर आमजन घर बैठे ऑनलाइन अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के लिए ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों एवं ज़िला स्तर पर राजस्थान सम्पर्क केन्द्रों की स्थापना भी की गई है। ई-मित्र कियोस्क पर भी आमजन अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं।
समस्या समाधान को और आसान बनाने के लिए सरकार द्वारा राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन 181 भी शुरू की गई है। इस हेल्पलाइन पर सरकारी कामकाज से जुड़ी समस्या बताकर समाधान करवाया जा सकता है।
दर्ज शिकायतों के निस्तारण की जानकारी फोन कॉल पर देने के साथ ही पोर्टल पर भी फीडबैक की व्यवस्था की गई

E-mitra Impoertent Site

E-mitra Impoertent Site



Bhamashah e http://ebhamashah.rajasthan.gov.in



State portal  http://rajasthan.gov.in




Bhamashah seeding   http://164.100.222.168:8080/bhamashahseeding/login







Family welfare dept    http://www.rajswasthya.nic.in


E-mitra     http://emitra.gov.in




EGRAS      http://egras.raj.nic.in



Google     http://google.com



DOP      http://dop.rajasthan.gov.in



Gmail      http://gmail.com


Finance department    http://finance.rajasthan.gov.in


Apnacsc      http://apna.csc.gov.in


Rajshiksha         http://rajshiksha.gov.in


Rajssp        http://rajssp.raj.nic.in


RajTax       http://rajtax.gov.in


Rajpms              http://rajpms.nic.in


RMGB BC Portal      http://180.179.114.70:1106




RMGB BC Admin Portal      http://180.179.114.70:1106/admin/Admin.jsp



apnakhata       http://apnakhata.raj.nic.in



Rajasthan University         http://www.uniraj.ac.in



pehchan   http://pehchan.raj.nic.in



PNB      https://www.pnbindia.in/En/ui/Home.aspx



rpsc        http://rpsc.rajasthan.gov.in



BOB         http://www.bankofbaroda.co.in/



food           http://food.raj.nic.in



SBBJ          https://www.sbbjbank.com/indexE.htm



ssdg         http://www.ssdg.rajasthan.gov.in



SBI         https://www.sbi.co.in/



ldms          http://ldms.rajasthan.gov.in



RMGB         http://www.rmgb.in/



UCO         https://www.ucoebanking.com/



mandi online        http://164.100.222.56/amb/1



ICICI          http://www.icicibank.com/



Aadhar             http://uidai.gov.in



brkgb         http://brkgb.com